महामना की जयंती पर दीपों से जगमगाया सीवान का मालवीय चौक

सीवान : “अपना देश, अपना राज” के उद्घोषक महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की जयंती पर शनिवार को सीवान शहर के महादेवा रोड स्थित “मालवीय चौक” दीपों से जगमगा उठा।

खेल और खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित अखिल भारतीय संस्था “क्रीड़ा भारती” , काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों का संगठन ‘BHU पूर्व छात्र परिषद’, सीवान व सीवान के युवा बुद्धिजीवियों का समूह ‘शंखनाद सीवान’ के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में सामाजिक, सांस्कृतिक व राजनैतिक कार्यकर्ताओं ने मालवीय चौक पर स्थापित महामना जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप जलाए।

इस मौके पर महामना जी को अपनी श्रद्धांजलि देते हुए बिहार सरकार के पूर्व मंत्री डॉ महाचंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन को सांस्कृतिक धार देने में महामना मालवीय जी का मुख्य योगदान रहा है।

वहीं भारत की राजनीतिक आजादी के साथ ही शिक्षा का दीप जलाने के लिए 1916 में हिमालय जैसी चुनौतियों के बावजूद काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना करने वाले मदन मोहन मालवीय को याद करते हुए BHU के पूर्व छात्र, वरिष्ठ पत्रकार व इस्लामिया पी जी काॅलेज के सहायक प्राध्यापक डॉक्टर अशोक प्रियबंद ने कहा कि मालवीय जी भारत माता को अंग्रेजों की गुलामी से मुक्त कराने के लिए स्वाधीनता आंदोलन की धुरी थे। पूरे देश में स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व करने वाली भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वह चार बार अध्यक्ष रहे और तीन बार जेल की सजा काटी।

इस मौके शंखनाद सेंटर फॉर डाॅयलाक, रिसर्च एंड रिसोर्स डेवलपमेंट, सीवान ( शंखनाद सीवान ) के समन्वयक पत्रकार नवीन सिंह परमार ने कहा कि समाज सेवा, राजनीति, शिक्षा, वकालत, समाज सुधार और पत्रकारिता के क्षेत्र में उनकी सक्रियता और समर्पण ऐतिहासिक रहा है।

वहीं BHU पूर्व छात्र परिषद, सीवान के संयोजक एवं भव्य दीपोत्सव कार्यक्रम के समन्वयक पत्रकार मनोज सिंह ने कहा कि राष्ट्र के सर्वांगीण उत्थान व सामरिक मजबूती के प्रति मालवीय जी की प्रतिबद्धता ही थी कि महात्मा गांधी जैसे महापुरुष ने उन्हें “भारत निर्माता” की संज्ञा दी थी। इसके अलावा मदन मोहन मालवीय जी एकमात्र राष्ट्र सेवी हैं जिन्हें “महामना” का सम्मान पूर्ण संबोधन मिला है।

इस अवसर पर बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र एवं क्रीड़ा भारती के उत्तर बिहार प्रांत के कोषाध्यक्ष रोहित सिंह ने कहा कि भारत में निरक्षरता के खिलाफ मालवीय जी का संघर्ष ऐसा ऐसा था कि उन्होंने अंग्रेजी शासन की बुलंदी और गोरों के तमाम अत्याचार के बावजूद राजा- रंक सभी से मिले दान की पाई-पाई जोड़कर काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना की। उन्होंने 1919 में बनारस इंजीनियरिंग कॉलेज (बेन्कों) की भी स्थापना की जो भारत में इंजीनियरिंग शिक्षा का पहला आधार संस्थान रहा है।

भव्य दीपोत्सव के मौके पर सीवान के युवाओं का चर्चित संगठन “टीम अनमोल ” के संस्थापक अनमोल कुमार ने कहा कि महामना जी के याद में आयोजित इस भव्य दीपोत्सव कार्यक्रम में भाग लेना “टीम अनमोल” के सभी सदस्यों के लिए सौभाग्य की बात है।

➡️ शनिवार को आयोजित भव्य दीपोत्सव कार्यक्रम में दीपमालिका सजाने में पत्रकार मनोज कुमार सिंह की बेटी कुमारी अक्षरा ( परी ) का मुख्य योगदान रहा।⬅️

इस मौके पर समाजसेवी जिशु सिंह , अधिवक्ता राजीव रंजन राजू, प्रोफेसर अवधेश शर्मा, अधिवक्ता कमल किशोर सिंह, पत्रकार ओमप्रकाश सिंह, डॉ रंजन कुमार दुबे उपाख्य डॉ के डी रंजन, चंदन दुबे, अभिषेक कुमार सिंह, अधिवक्ता राजीव कुमार सिंह, अधिवक्ता पंकज कुमार सिंह, अधिवक्ता विकास कुमार, रामानंद सिंह, जय रक्तवीर के नीलेश कुमार वर्मा, रेडियो स्नेही के निदेशक मधुसूदन पंडित, क्रीड़ा भारती के हिन्दूत्वेन्द्र उपाध्याय, योगेन्द्र सिंह, देवेन्द्र गुप्ता, रवि रंजन श्रीवास्तव, प्रोफेसर सत्यम कुमार सिंह, प्रोफेसर विकास कुमार मोनू , सुशांत केतु, अधिवक्ता विजय कुमार पाण्डेय, डॉ राजीव कुमार सिंह, क्रीड़ा भारती के इंदल कुमार सिंह, कुणाल किशोर, सृष्टि कुमारी सहित दर्जनों की संख्या में शहर के प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थें।
( ✍️ शंखनाद मीडिया, सीवान )

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