बंगाल में प्रचार करने पहुंचे सूर्यभान ने कहा : दो मई को अंधेरा छंटेगा, कमल खिलेगा, दीदी की विदाई होगी

कोलकाता, 29 मार्च (एजेंसी)। पश्चिम बंगाल के दिलचस्प चुनावी समर में भाजपा की सरकार गठन के लिए पार्टी के कई वरिष्ठ केंद्रीय नेताओं ने बंगाल में डेरा डाल रखा है। इनमें पार्टी की दिल्ली प्रदेश के पूर्व महामंत्री और हावड़ा दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी सूर्यभान पांडेय भी हैं। भाजपा के पुराने नेताओं में से एक और प्रखर वक्ता सूर्यभान ने “हिन्दुस्थान समाचार” से विशेष बातचीत में उन्होंने दावा किया है कि दो मई को बंगाल से ममता दीदी की विदाई हो जाएगी। संवाददाता ओम प्रकाश सिंह ने उनका विशेष साक्षात्कार लिया है। हावड़ा दक्षिण विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार रंतिदेव सेनगुप्ता हैं। वह पूर्व में स्तंभकार भी रहे हैं। उन्हीं के लिए प्रचार प्रसार हेतु सूर्यभान पांडेय पूरे क्षेत्र में घूम-घूम कर जनसंपर्क कर रहे हैं और भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में मतदान के लिए लोगों को प्रेरित भी कर रहे हैं। पेश हैं उनसे बातचीत के विशेष अंश।

प्रश्न : आपको क्या लगता है, हावड़ा दक्षिण विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी की जीत कितनी बड़ी चुनौती है?

उत्तर : इस बार बंगाल में किसी भी सीट पर भारतीय जनता पार्टी की जीत के सामने कोई चुनौती नहीं है। ममता बनर्जी के शासन से जनता त्रस्त है और उनकी विदाई के लिए बेकरार है। हमारे हिंदी भाषी परंपराओं में रिवाज है कि बेटियों को समय से विदा कर दिया जाता है और अब ममता बनर्जी की विदाई का वक्त आ गया है। पूरे राज्य के साथ दक्षिण हावड़ा विधानसभा क्षेत्र में भी भारतीय जनता पार्टी की जीत होगी और रंतिदेव सेनगुप्ता विधायक बनेंगे।

प्रश्न : भारतीय जनता पार्टी फिलहाल तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए लोगों को लेकर आंतरिक गुटबाजी से जूझ रही है। क्या इसका नुकसान होगा?

उत्तर : भारतीय जनता पार्टी के अंदर कोई गुटबाजी नहीं है। यह सच है कि बड़ी संख्या में लोग तृणमूल छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में आए हैं लेकिन वे ऐसे लोग हैं जो तृणमूल में रहते हुए ममता बनर्जी के एकनायकवाग से त्रस्त हो गए थे। उनका दम घुट रहा था। उनकी विचारधारा लोगों के प्रति समर्पित थी। जनता के लिए काम करना चाहते थे लेकिन तृणमूल कांग्रेस उन्हें काम नहीं करने दे रही थी। ऐसे लोगों को भाजपा रास आई है और निश्चित तौर पर पार्टी की रीति और नीति मान कर ही रहेंगे। और पार्टी को इससे किसी तरह की कोई गुटबाजी का खतरा नहीं है। जो भाजपा में आ गया वह वंदे मातरम कहता है, जय श्रीराम के नारे लगाता है, राष्ट्र की बातें करता है, तुष्टीकरण की बातें नहीं करता और इसलिए वह हमारी सभ्यता और संस्कृति में घुल मिल जाता है। दूसरी राजनीतिक पार्टियां अपनी पार्टी का हित देखती हैं जबकि भाजपा का कार्यकर्ता कहता है “तुम्हारा गौरव अमर रहे मां हम दिन चार रहे ना रहें”।

प्रश्न : बंगाल में भाजपा 200 से अधिक सीट जीतने का दावा कर रही है। आखिर ऐसा क्यों लगता है कि बंगाल से ममता बनर्जी को उखाड़ फेंकने में सक्षम होंगे?

उत्तर : 10 सालों के शासन के दौरान ममता बनर्जी के खिलाफ लोगों में गुस्सा है। एंटी इनकंबेंसी चरम पर है। राजनीतिक प्रतिद्वंदिता की वजह से ममता ने राज्य के लोगों को केंद्रीय योजनाओं से वंचित रखा है। गरीबों के इलाज के लिए आयुष्मान भारत योजना हो या किसानों की मदद के लिए पीएम किसान सम्मान निधि, इससे राज्य की गरीब जनता वंचित रही है। और इसका गुस्सा ममता पर है। निश्चित तौर पर लोग भारतीय जनता पार्टी की ओर उम्मीद की निगाह से देख रहे हैं और हम इस पर खरे उतरेंगे। हमारा सोनार बांग्ला बनाने का लक्ष्य राज्य के चौमुखी विकास और सुशासन से है। भाजपा की सरकार बनने के बाद यहां के लोगों को न केवल बंगाल बल्कि पूरे देश के बड़े से बड़े अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना के जरिए इलाज की सुविधा मिलेगी। ममता ने जिन किसानों को पीएम सम्मान निधि का लाभ नहीं लेने दिया है उन्हें पहले का बकाया और उसके बाद भाजपा की सरकार बनने पर जो राशि बनेगी वह जोड़कर 18000 रुपये दी जाएगी। बंगाल के गरीब किसान इसे भली-भांति समझ रहे हैं इसलिए इस बार भाजपा की सरकार बनेगी।

प्रश्न : बंगाल की आधी आबादी के लिए भाजपा ने बड़ी घोषणाएं की है। इसे कहां तक पूरा कर पाएंगे?

उत्तर : पश्चिम बंगाल की महिला आबादी बड़े पैमाने पर भारतीय जनता पार्टी के साथ है। जहां भी भाजपा की सरकार है वहां महिलाओं का सम्मान और सुरक्षा बना हुआ है, लेकिन बंगाल में महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद जगह-जगह महिलाओं पर अत्याचार होते हैं। उन्हें तमाम सुविधाओं से वंचित रखा गया है। भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में कहा है कि सरकार बनने के बाद पब्लिक ट्रांसपोर्ट में महिलाओं का परिवहन मुफ्त होगा। इसके अलावा महिला सुरक्षा से लेकर आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं से गृहणियों को सबसे अधिक लाभ होने वाला है। इसलिए बंगाल की आधी आबादी भी भारतीय जनता पार्टी को चुनेगी।

प्रश्न : ममता बनर्जी भारतीय जनता पार्टी के लिए कितनी बड़ी चुनौती हैं?

उत्तर : ममता बनर्जी भाजपा के लिए किसी भी तरह से चुनौती नहीं हैं। उन्होंने बंगाल की सभ्यता और संस्कृति को खतरे में डाल दिया है। प्रधानमंत्री के लिए दैत्य, दानव के अलावा कई तरह के अपशब्दों का इस्तेमाल करती हैं जो बंगाल की संस्कृति नहीं है। राज्य के लोग इसे भली-भांति समझ रहे हैं और निश्चित तौर पर ममता को सत्ता से हटाएंगे।

प्रश्न : बंगाल राजनीतिक हिंसा के लिए कुख्यात रहा है क्या आप की सरकार बनने के बाद इस पर विराम लगेगी?

उत्तर : यहां हिंसा चरम पर है। विपरीत विचारधारा वालों को मौत के घाट उतार दिया जाता है। लोग इससे त्रस्त हैं और सरकार बदलने के बाद इस संस्कृति पर लगाम लगेगी। यहां जितने भी लोगों की हत्याएं हुई है उसके खिलाफ जांच होगी। पुलिस को हम फ्री हैंड काम करने की छूट देंगे। ममता के शासन में प्रशासन पर राजनीतिक दबाव रहता है लेकिन भाजपा की सरकार बनने के बाद ऐसा नहीं होगा।

प्रश्न : आरोप लगते हैं कि सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस के कई भ्रष्ट लोग भाजपा में आए और उन्हें महत्वपूर्ण जगह दी गई।

उत्तर: ऐसा नहीं है जो भाजपा में आए हैं वे भाजपा की सभ्यता और संस्कृति को स्वीकार कर आए हैं। अगर किसी के भी खिलाफ किसी भी तरह की जांच हो रही है तो वह जस की तस जारी रहेगी और कानून अपना काम करेगा। उसमें किसी भी तरह का हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। भाजपा की सरकार आने के बाद हर तरह की भ्रष्टाचार की जांच होगी।

प्रश्न : बंगाल में पहले चरण का चुनाव बीत गया। माकपा-कांग्रेस गठबंधन बना कर सत्ता का विकल्प बनने की जुगत में लगे हैं लेकिन राहुल गांधी या कांग्रेस का कोई भी बड़ा नेता प्रचार करने नहीं आया। क्या वजह है?

उत्तर : राहुल गांधी अथवा कांग्रेस के किसी भी बड़े नेता को पता है कि बंगाल में उनके आने का कोई लाभ होने वाला नहीं है। वैसे भी उनके लिए कोई राज्य इकाई महत्व नहीं रखती बल्कि अपना परिवार मायने रखता है और किसी भी तरह से गांधी परिवार अपने ऊपर हार की जिम्मेदारी नहीं लेना चाहता। इसके अलावा प्रदेश कांग्रेस भी उन्हें बुलाने में दिलचस्प नहीं है क्योंकि जहां जहां राहुल गांधी गए वहां वहां हार हुई। बंगाल में कांग्रेस बिल्कुल हाशिए पर है और लड़ाई में कहीं नहीं है। इसलिए राहुल गांधी के आने नहीं आने से भी कोई फर्क नहीं पड़ता। इसके अलावा कांग्रेस ने माकपा से गठबंधन किया है। आईएसएफ से भी किया है। इसके अलावा और भी कुछ पार्टियों से गठबंधन कर भी भाजपा का कोई नुकसान नहीं कर सकते। मैं एक बार फिर दोहराना चाहता हूं दो मई को बंगाल में परिवर्तन होगा और भाजपा की सरकार बनेगी।

 

(अस्वीकरण : यह साक्षात्कार “हिन्दुस्थान समाचार” को दिया गया है। लोक टीवी ने इसे फीड से प्रकाशित किया है।)

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