प्रधानमंत्री के समक्ष जय श्रीराम के नारे से बिफरी ममता ने लगाया बुलाकर अपमानित करने का आरोप

लोक डेस्क, कोलकाता, 23 जनवरी। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर कोलकाता के विक्टोरिया मेमोरियल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहुंचने पर जय श्री राम का नारा लगाए जाने से बिफरी ममता बनर्जी ने बुला कर अपमानित करने का आरोप लगाया है। दरअसल पीएम के कार्यक्रम में ममता भी मौजूद थीं। जैसे ही प्रधानमंत्री पहुंचे, वहां मौजूद समर्थकों ने “जय श्री राम” का उद्घोष किया। इससे ममता बनर्जी तुनक पड़ी। उन्होंने इसे खुद से जोड़ते हुए कहा कि उन्हें बुलाकर अपमानित किया गया है। इसके विरोध स्वरूप ममता बनर्जी ने संबोधन में भाषण भी नहीं दिया। जब उन्हें संबोधित करने के लिए आमंत्रित किया गया तो उन्होंने कहा कि यह एक सरकारी कार्यक्रम है। किसी राजनीतिक पार्टी का कार्यक्रम नहीं है। मैं आभारी हूं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का और भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय का कि उन्होंने मुझे आमंत्रित किया। लेकिन सरकारी कार्यक्रम की अपनी महत्ता होनी चाहिए। मुझे लगता है कि किसी को बुला कर अपमानित करना ठीक नहीं। इसके विरोध स्वरूप में आगे कुछ भी नहीं बोलूंगी।

इसके बाद ममता मंच से उतरी और विक्टोरिया मेमोरियल से निकलकर बाहर चली गईं।
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भाजपा ने पूछा जय श्री राम में अपमानित होने जैसा क्या है?
– हालांकि ममता बनर्जी के इस रुख की आलोचना भाजपा ने की है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने ट्विटर पर लिखा है कि जय श्रीराम के नारे से ममता बनर्जी को अपना अपमान क्यों लग रहा है?
इसके बाद उन्होंने एक निजी चैनल से विशेष बातचीत में कहा है कि जय श्री राम में ममता के लिए ऐसा क्या है कि उन्हें अपमानित करने जैसा लगा। यह ना तो असंसदीय भाषा है और ना ही सीएम के खिलाफ कोई अभद्र टिप्पणी। कोई भी व्यक्ति भावेश में अगर अपने इष्ट देव को याद करता है तो इससे ममता को खराब क्यों लगता है? सीएम को साफ तौर पर यह बताना चाहिए कि जय श्री राम में ऐसा क्या है कि उन्हें अपना अपमान लगा?

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