बंगाल के राजनीतिक दलों को रास नहीं आ रहा पराक्रम दिवस, एफबी-तृणमूल के सुर एक

कोलकाता, 19 जनवरी । केंद्र सरकार ने नेताजी‌ सुभाष चंद्र बोस की जयंती को पराक्रम दिवस के तौर पर मनाने की घोषणा‌ कर दी है। हालांकि पश्चिम बंगाल के राजनीतिक दलों को यह रास नहीं आ रहा है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और फॉरवर्ड ब्लॉक ने मंगलवार को एक सुर में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती को ”पराक्रम दिवस” के तौर पर मनाए जाने के केंद्र सरकार के निर्णय की आलोचना की। तृणमूल कांग्रेस के नेता सौगत राय ने कहा कि इस दिन को केवल पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाना ही काफी नहीं है।

उन्होंने कहा, ” 23 जनवरी को राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया जाना चाहिए। हम लंबे समय से यह मांग कर रहे हैं। वह राष्ट्रीय नेता थे और आजाद हिंद फौज के प्रमुख थे, ऐसे में केवल पराक्रम दिवस के जरिए यह दोनों बिंदु प्रदर्शित नहीं होते हैं। हमने इस दिन को देश प्रेम दिवस के तौर पर मनाने की भी मांग की थी।” उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम शायद राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए उठाया गया है। नेताजी द्वारा वर्ष 1939 में गठित पार्टी ‘फॉरवर्ड ब्लॉक’ के राज्य सचिव नरेन चटर्जी ने कहा, ” जंयती को ‘पराक्रम दिवस’ के बजाय ‘देश प्रेम दिवस’ के तौर पर मनाया जाना चाहिए।”
 उल्लेखनीय है कि सीएम ममता बनर्जी भी कह चुकी हैं कि उन्हें पराक्रम दिवस मनाना पसंद नहीं आ रहा है। उनकी सरकार 23 जनवरी को देशनायक दिवस मनाएगी।

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