चिटफंड मामले में दिलीप घोष ने की ममता की गिरफ्तारी की मांग

लोक संवाददाता, कोलकाता, 14 जनवरी। भारतीय जनता पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने चिटफंड मामले में संदिग्ध संलिप्तता के आरोप में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की गिरफ्तारी की मांग की है। एक दिन पहले ही राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता कुणाल घोष ने भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय और हाल ही में ममता का साथ छोड़कर भाजपा में शामिल होने वाले कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी को गिरफ्तार करने की मांग की है। कुणाल ने कहा था कि दोनों ही चिटफंड कंपनियों को आगे बढ़ाने और उनका प्रचार-प्रसार करने में बड़ी भूमिका निभाते रहे हैं।
इसे लेकर गुरुवार को जब रीजेंट पार्क में चाय पर चर्चा कार्यक्रम में पहुंचे दिलीप घोष से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अगर कुणाल घोष की मांग के आधार पर बात की जाए तो सबसे पहली गिरफ्तारी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की होनी चाहिए। उन्होंने चिटफंड कंपनियों के हेलीकॉप्टर से चुनाव प्रचार किया था। इसके अलावा चिटफंड कंपनियों के एंबुलेंस का उद्घाटन किया। कई चिटफंड कंपनियों के मालिकों के साथ उनके संबंध रहे हैं। तुरंत ममता बनर्जी को गिरफ्तार करना चाहिए।
हालांकि उन्होंने कहा कि कौन किसे गिरफ्तार करेगा यह निर्णय सीबीआई और ईडी की टीम लेगी। इस बारे में हमें अधिक बात करने की जरूरत नहीं है।

मंत्री ज्योतिप्रिय को जवाब
– इसके अलावा राज्य के खाद्य मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक ने दावा किया था कि भारतीय जनता पार्टी के सात सांसद जल्द ही तृणमूल कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं। इसके जवाब में दिलीप घोष ने कहा कि ज्योतिप्रिय मल्लिक सपना देख रहे हैं, इसमें कोई बुराई नहीं है। उन्हें यह बात समझनी चाहिए कि उनकी पार्टी सरकार में है बावजूद इसके उनके मंत्री, सांसद, विधायक भाजपा में आ रहे हैं। अब वह भाजपा के सांसदों को अपनी पार्टी में शामिल कराने का सपना देख रहे हैं तो उनकी दिमागी स्थिति के बारे में संदेह होता है। दिलीप घोष ने कहा कि अगर उनकी क्षमता है तो एक बूथ अध्यक्ष को तृणमूल में शामिल करा कर दिखा दें। उन्होंने कहा कि जनता सब कुछ जानती है कि कौन किधर जा रहा है।

निष्पक्ष चुनाव की मांग
– इसके साथ ही दिलीप घोष ने विधानसभा चुनाव के दौरान संभावित हिंसा की आशंका जताते हुए कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में देश भर में 500 से अधिक सीटों पर मतदान हुए लेकिन देश के बाकी हिस्सों में कहीं हिंसा नहीं हुई। इसके विपरीत बंगाल में 42 सीटों पर मतदान के दौरान जमकर हिंसा हुई। खुद मेरी गाड़ी में तोड़फोड़ की गई थी। हम लोगों ने केंद्रीय चुनाव उप-आयुक्त सुदीप जैन को लिखकर बताया है कि आखिर बंगाल में हिंसा किस तरह से की जाती है और निष्पक्ष तथा शांति पूर्वक चुनाव के लिए अतिरिक्त संख्या में केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग की है।

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